भारत चीन सीमा पर अभूतपूर्व हालात भारत की तैयारी से आतंक में चीनी सेना

बातचीत से निकालना होगा हल

भारत और चीन सीमा पर तनाव बना हुआ है। चीन की ओर से कई बार भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ की कोशिश की गई विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत चीन सीमा पर अभूतपूर्व हालात बने हुए हैं। बातचीत करके ही हल निकालना होगा ।विदेश मंत्री ने गुरुवार को दक्षेस समूह की डिजिटल माध्यम से हुई अनौपचारिक बैठक में कहा कि दक्षेश को आतंकवाद तथा कारोबार एवं संपर्क में बाधा उत्पन्न करने से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण चुनौतियों का निपटारा करने की जरूरत है। उन्होंने सीमा पार आतंकवाद को सबसे बड़ी समस्या बताया और कहा कि आतंक का पोषण समर्थन और प्रोत्साहित करने वाली ताकतों सहित आतंकवाद की बुराई को परास्त करने के लिए सामूहिक संकल्प की जरूरत है।

इसे पाकिस्तान की आलोचना के रूप में देखा जा रहा है एलएसी पर तनाव को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत चीन सीमा पर अभूतपूर्व हालात बने हुए हैं दोनों देशों को बातचीत करनी होगी और हल निकालना होगा।

दरअसल हाल ही में विदेश मंत्री ने चीन के विदेश मंत्री से रूस में मुलाकात की थी जिसके बाद जय शंकर का यह पहला बयान है। कुछ दिनों पहले वास्तविक नियंत्रण रेखा पर जारी तनातनी के बीच रूस की राजधानी मास्को में भारत और चीन के विदेश मंत्रियों के बीच करीब  ढाई घंटे मुलाकात हुई थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर और चीनी समकक्ष वांग यी के बीच बैठक के दौरान सीमा पर तनाव खत्म करने को लेकर 5 सूत्री सहमत बनी, साथ ही दोनों देश इस पर भी राजी हुए कि बातचीत जारी रखेंगे और सैनिकों को हटाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।

भारत चीन के बीच सैन्य जमावड़े को लेकर बनी आम सहमति के बाद भी चीन अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। चीनी सेना रोज-रोज एलएसी पर नई साजिश करने में जुटी है ।होतान एयरवेज पर चीन ने परमाणु मिसाइलें भी तैनात कर रखी है। चीन की तैयारियों को देखते हुए भारत में भी अपनी तैयारियों में तेजी लाई है। वायु  सेना ने जहां सरहद पर उड़ाने बढ़ा दी है वही थल सेना सभी मोर्चों पर अपने साजो सामान को युद्ध की संभावित स्थिति लिए पूरी तरह तैयार कर लिया है। भारतीय सेना के तैयारियों को देखते हुए चीनी खेमें में दहशत की स्थिति है। सूत्रों की माने तो पी एल ए में युद्ध लड़ने का कोई भी अनुभव नहीं है, आने वाले दिनों में हाड़ कपा ने वाली सर्दी का ख्याल आते ही चीनी सेना को पसीने आ रहे हैं।

उल्लेखनीय है की मई से ही भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दियाअपितु १५जुन को गलवान घाटी में भारतीय बलवानो ने ४० से अधिक चीनी जवानों की गर्दन मरोड़ दी थी। वहीं भारतीय वायु सेना में युद्धक विमान राफेल के शामिल होने के बाद से चीन में खासकर डर का माहौल है। चीनी सेना में खौफ का आलम यह है कि चीनी सेना लद्दाख में तैनाती के पूर्व बच्चों की तरह रो रहे हैं।

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