जेल जानें से बचनें के लिए निजी सजीव संदीप ने बताई हकीकत, प्रियंका के कहने पर हुआ बस का फर्जीवाड़ा

लखनऊ, 8 अगस्त: जेल जानें से बचनें के लिए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के निजी सचिव संदीप सिंह ने प्रियंका वाड्रा की बस पॉलिटिक्स का पर्दाफाश किया है, जो प्रियंका ने बीते महीनें कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन के दौरान की थी।

दरअसल प्रियंका गांधी वाड्रा के निजी सचिव संदीप सिंह और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू पर प्रवासी मजदूरों के लिए एक हजार बसों की सूची में फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगा था। इस प्रकरण में लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली में केस दर्ज किया गया था। लल्लू 29 दिन बाद जेल से रिहा हुए थे। वहीं, संदीप ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने संदीप सिंह की जमानत अर्जी मंजूर कर दी है लेकिन प्रियंका गांधी वाड्रा को प्रमुख जिम्मेदार मानते हुए मंजूर की, सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि ये निर्विवाद है कि संदीप ने राज्य सरकार के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को पत्र प्रियंका के कहनें पर लिखा था, अपनें आदेश में कोर्ट ने यह भी कहा कि प्राथमिकी में प्रियंका को अभियुक्त नहीं बनाया गया है, साथ ही संदीप पर लगाई गई धाराओं को हल्की माना और एक लाख के मुचलके और इतनी ही धनराशि के दो जमानत दाखिल करने का आदेश दिया। अब संदीप सिंह गिरफ्तार नहीं होंगें।
Shalabh Mani Tripathi
@shalabhmani
आख़िरकार अदालत में सामने आ ही गया सच, जेल का रास्ता देख @priyankagandhi के निजी सचिव संदीप सिंह ने शपथ देकर बताई हक़ीक़त, कहा कि फर्जी बसों का सारा खेल प्रियंका वाड्रा के कहने पर कराया,आपदा काल में जब जब घिनौनी सियासत की बात होगी,तब तब प्रियंका और उनके चेले की लोगों को याद आएगी।
संदीप सिंह की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा और नदीम मुर्तजा ने बहस की, उन्होंने तर्क दिया कि संदीप को केवल राजनीतिक वजहों से फंसाया जा रहा है, उन्होंने कांग्रेस महसचिव प्रियंका वाड्रा के कहनें पर ही पत्र प्रेषित किया था।

आपको बता दें कि लॉकडाउन के दौरान दूसरे राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए प्रियंका गांधी ने 1000 बसें चलवानें के लिए यूपी सरकार से इजाजत मांगी थी. सरकार से मंजूरी मिलनें के बाद प्रियंका ने बसों की लिस्ट यूपी सरकार को भेजी है. जिस पर बीजेपी ने दावा किया था कि लिस्ट में कई तीन पहिया वाहनों के नंबर समेत कारों के नंबर शामिल हैं।

यूपी सरकार ने सोमवार देर रात प्रियंका गांधी को पत्र भी लिखा था जिसमें सरकार ने कहा था कि बसों को पहले फिटनेस जांच के लिए यूपी भेजा जाए. इसके जवाब में प्रियंका ने कहा था कि बसों को लखनऊ भेजना संसाधनों का खर्च और समय की बर्बादी होगी।

जांच में पाया गया कि प्रियंका गांधी ने जिन 1000 बसों की लिस्ट यूपी सरकार को भेजी थी, उनमें से ज्यादातर नंबर चेक करने के बाद बाइक, ऑटो एवं अन्य छोटे वाहनों के निकले। ये सभी लिस्ट और पत्र प्रियंका के कहनें पर उनके निजी सचिव संदीप सिंह ने भेजे थे।

Comments