‘जाकिर नाईक से ज्यादा खतरनाक हैं आमिर खान?’

फोटो साभार- Kreately

तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन की पत्नी से मुलाकात के बाद एक बार अभिनेता आमिर खान सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पर ये बहस शुरू हो गई है कि आमिर खान अपना एजेंडा चलाते हैं। उनके पुराने बयानों और कामों के देखते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई प्रकार के तर्क दिए जा रहे हैं।

Kreately बेबसाइट के मुताबिक आमिर खान हिन्दुओं के खिलाफ एजेंडा चलाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अभिनेता आमिर खान दावा करते हैं कि उनकी फिल्म दंगल, चीन में काफी मशहूर हुई। दबंग फिल्म ने चीन में 1500 करोड़ रुपये की कमाई की जबकि भारत में दंगल फिल्म की कमाई 387 करोड़ थी। ब्लॉकबस्टर फिल्म बाहुबली-2 ने भारत में 1429 करोड़ रुपए की कमाई की थी। आमिर खान का दावा है कि वे सीक्रेट सुपरस्टार हैं और चीन में उनकी फिल्में काफी ज्यादा पंसद की जाती है। इस तरह अगर कमाई के मामले में देखें तो आमिर खान भारत के मुकाबले चीन में ज्यादा बड़े सुपरस्टार हैं।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि आमिर खान काफी होशियार हैंं। पहले उन्होंने राष्ट्रवादी भारतीयों को आकर्षित करने के लिए सरफरोश, लगान और मंगल पांडेय जैसी देशभक्ति फिल्में बनाईं और बाद में चालाकी से फिल्मों के जरिए अपने एजेंडों को लागू करना शुरू कर दिया।

रंग दे बंसती फिल्म का उदाहरण लीजिए। इस फिल्म को जिसने भी देखी उसने डिफेंस डील में करप्शन को लेकर जॉर्ड फर्नाडिस और भाजपा को कोसने लगा। इसके बाद आमिर खान ने सत्यमेव जयते सीरिज के जरिए अपने हिंदू विरोधी एजेंडा को लागू करना शुरू कर दिया। सत्यमेव जयते सीरिज के जरिए NGO के लिए कलेक्ट किया गया फंड, ऐसे NGO को दिया गया जो मुस्लिमों के लिए काम करती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि सत्यमेव जयते के एक शो में आमिर खान ने दिखाया कि हिन्दू, बालिका हत्या के दोषी हैं जबकि उसी एपिसोड में दिखाया गया कि मुस्लिम बगैर दहेज के शादी कर रहे हैं। सत्यमेव जयते के एक भी एपिसोड में इस्लाम की बुराइयों के बारे में नहीं दिखाया। आमिर खान ने बुर्का और ट्रिपल तलाक, बहुविवाह और हलाला पर एक भी एपिसोड नहीं बनााया। इस सीरिज में हिन्दू धर्म और उनकी बुराइयों की जमकर निंदा की गई लेकिन मुस्लिम धर्म की बुराइयों के बारे में बात नहीं की गई। 

आमिर खान ने पीके फिल्म के जरिए भी हिन्दू आस्था पर चोट किया लेकिन इस फिल्म में मुस्लिम धर्म की बुराइयों को नहीं दिखाया गया। भारत में इस फिल्म को लोगों ने काफी पसंद किया। फिल्म में कई मौकों पर हिन्दू धर्म को नीचा दिखाया गया। 

रिपोर्ट में कहा गया कि 2014 में नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद आमिर खान ने विवादास्पद बयान दिया और कहा कि उनकी पत्नी को भारत में डर लगता है, लेकिन बड़ी बात यह है कि अब भी आमिर खान भारतीय दर्शकों से करोड़ों की कमाई कर रहे हैं। आमिर खान के हिडेन एजेंडे को समझने में हिन्दू नाकाम रहे हैं। 

Kreately की रिपोर्ट में कहा गया है कि आमिर खान ने अब एक नये अवतार में तुर्की के राष्ट्रपति की पत्नी से मुलाकात की है। क्या आमिर खान मुलाकात से यह संदेश देना चाहते हैं कि अब तुर्की ही बॉस है जबकि तुर्की भारत के खिलाफ लगातार बयानबाजी कर रहा है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहना चाहिए और आमिर खान के फेस वैल्यू पर नहीं जाना चाहिए। आमिर खान बॉलीवुड से दूसरे सभी मुस्लिम स्टार्स से ज्यादा खतरनाक हैं।

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