रक्षा मंत्रालय का बहुत बड़ा फैसला- 101उपकरणों के आयात पर रोक, भारत अब अपने दम पर बनाएगा

नई दिल्ली - रक्षा मंत्रालय ने 'आत्मनिर्भर
भारत' अभियान को बड़ा बूस्ट देने की
तैयारी कर ली है। रक्षा मंत्री राजनाथ
सिंह ने रविवार सुबह कहा कि मंत्रालय
ने 101 आइटम्स की लिस्ट तैयार की है
जिनके आयात पर रोक लगेगी। सिंह के
मुताबिक, यह रक्षा क्षेत्र में भारत की
आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा
कदम है। उन्होंने कहा कि यह फैसला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्मन के बाद
किया गया है। इस फैसले से भारत की
डिफेंस इंडस्ट्री को बड़े पैमाने पर
उत्पादन का मौका मिलेगा।

अगले 6-7 साल में बढ़ेगा डॉमिस्टिक
डिफेंस प्रॉडक्शन रक्षा क्षेत्र में घरेलू
उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय
ने जो लिस्ट बनाई है वह सेना, पब्लिक
और प्राइवेट इंडस्ट्री से चर्चा के बाद
तैयार की गई है। राजनाथ सिंह के
मुताबिक, ऐसे उत्पादों की करीब 260
योजनाओं के लिए तीनों सेनाओं ने
अप्रैल 2015 से अगस्त 2020 के बीच
लगभग साढ़े तीन लाख करोड़ रुपये के
कॉन्ट्रैक्ट्स दिए थे। उनका अनुमान है
कि अलगे 6 से 7 साल में घरेलू इंडस्ट्री
को करीब 4 लाख करोड़ रुपये के ठेके
दिए जाएंगे।

Rajnath Singh
@rajnathsingh
The Ministry of Defence
is now ready for a big
push to
#AtmanirbharBharat
initiative. MoD will
introduce import
embargo on 101 items
beyond given timeline to
boost indigenisation of
defence production.
10:00 AM - Aug 9,2020
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और उत्पादों के आयात पर लग सकती
है रोक रक्षा मंत्री ने कहा कि सभी
स्टेकहोल्डर्स से बातचीत के बाद और
उत्पादों (उपकरणों) के आयात पर रोक
लगाई जाएगी। फिलहाल जो फैसले
किए गए हैं, वे 2020 से 2024 के बीच
लागू किए जाएंगे। 101 उत्पादों की
लिस्ट में आर्मर्ड फाइटिंग व्हीकल्स
(AFVs) भी शामिल हैं। मंत्रालय ने
2020-21 के लिए पूंजी खरीद बजट
को घरेलू और विदेशी रूट में बांट दिया
है। वर्तमान वित्त वर्ष में ही करीब
52,000 करोड़ रुपये का अलग बजट
तैयार किया गया है।

चीन के साथ कोर कमांडर लेवल की
बातचीत फेल पूर्वी लद्दाख में लाइन
ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर तनाव
बरकरार है। कुछ फ्रिक्शन पॉइंट्स से
चीनी सेना पीछे हटी है मगर देपसांग
और पैंगोंग त्सो में टस से मस होने को
तैयार नहीं। दोनों देशों के बीच कोर
कमांडर स्तर पर कई दौर की बातचीत
बेनतीजा रहने के बाद, शनिवार को
मेजर-जनरल स्तर की बातचीत शुरू हुई
है। भारत ने साफ कहा कि देपसांग से
चीन को अपने सैनिक वापस बुलाने
होंगे।

सेना हर मोर्चे पर है अलर्ट केंद्र सरकार
की तरफ से बॉर्डर पर सेना को 'फ्री-हैंड'
मिला हुआ है। रक्षा मंत्री भी कह चुके हैं
कि सेना किसी भी स्थिति से निपटने के
लिए तैयार रहे। फिलहाल सीमा पर
भारत और चीन, दोनों के ही हजारों
सैनिक भारी गोला-बारूद के साथ तैनात
हैं। तनाव कम करने के लिए दोनों देशों
के बीच, मिलिट्री और डिप्लोमेटिक,
दोनों चैनल्स के जरिए बातचीत हो रही
है

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