पाक हाई कमीशन के 3 लोग जासूसी के आरोप में पकड़े गए, 24 घंटे में भारत छोड़ने के आदेश

आरोपियों को 24 घंटे के भीतर भारत छोड़ने के आदेश दिए गए हैं. 
दोनों पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी ISI के अधिकारी थे और भारत में वीसा अधिकारी बनकर आए थे.

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने रविवार को पाकिस्तान हाई कमिशन के दो वीसा अधिकारियों और उनके ड्राइवर को जासूसी के आरोप में पकड़ा है. दोनों पाकिस्तान की जासूसी एजेंसी ISI के अधिकारी थे और भारत में वीसा अधिकारी बनकर आए थे. आरोपियों को 24 घंटे के भीतर भारत छोड़ने के आदेश दिए गए हैं. नई दिल्ली के करोल बाग में तीनों को पकड़ा गया. काफी समय से इन पर नजर रखी जा रही थी. 

भारत ने पाकिस्तानी उच्चायोग के दो अधिकारियों के जासूसी में शामिल होने का पता चलने के बाद पाकिस्तान के प्रभारी को आपत्तिपत्र दिया. पाकिस्तान उच्चायोग को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि कूटनीतिक मिशन का कोई भी सदस्य भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं हो. 

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान उच्चायोग को यह सुनिश्चित करने को कहा गया कि कूटनीतिक मिशन का कोई भी सदस्य भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल नहीं हो. विदेश मंत्रालय ने कहा, "एक कूटनीतिक मिशन के सदस्य के तौर पर अपने दर्जे के अयोग्य गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में सरकार ने दोनों अधिकारियों को निषिद्ध घोषित किया है और उनसे 24 घंटे के अंदर देश छोड़कर जाने को कहा है." 

दिल्ली पुलिस के मुताबिक आबिद हुसैन वीजा सेक्शन में काम करता था और दिसंबर 2018 में भारत आया था. आईएसआई का एजेंट है. वीजा असिस्टेंट के तौर पर पाकिस्तान हाईकमीशन में काम कर रहा था. ताहिर खान, आबिद हुसैन का असिस्टेंट था. अक्टूबर 2015 से भारत में है.  

दोनों नें भारतीय सेना के रॉय नाम के जवान से गोपनीय दस्तावेज लिए थे तभी रंगे हाथों पकड़े गए. ये दोनों लगातार सेना, रेलवे और दूसरे सरकारी विभागों से गोपनीय जानकारियों को जुटा रहे थे. हिरासत में लिए गए सभी जासूसों को पाकिस्तान भेजा जाएगा, क्योंकि दूतावास में काम करने की वजह से इनको डिप्लोमेटिक इम्युनिटी मिली होती है.

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