उद्धव की राह में कांग्रेस ने बोए कांटे, अब निर्विरोध MLC चुना जाना मुश्किल

मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के निर्विरोध विधानपरिषद सदस्य निर्वाचित होने की राह में कांग्रेस ने कांटे बो दिए हैं। कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि वह विधानपरिषद की एक सीट पर चुनाव लड़ने के लिए राजी नहीं है। दूसरी ओर भाजपा चार सीटों पर चुनाव लड़ने के फैसले पर अडिग है। इस कारण अब राज्य में निर्विरोध चुनाव हो पाना मुमकिन नहीं लग रहा है।

कांग्रेस ने दो सीटों पर की दावेदारी

महाराष्ट्र में कोरोना संकट काफी गहरा गया है मगर इस संकट के बीच भी विधानपरिषद चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं।इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने साफ तौर पर कहा है कि कांग्रेस सिर्फ एक सीट पर राजी नहीं है। उनका कहना है कि कांग्रेस भी दो सीटों पर चुनाव लड़ेगी। ऐसी स्थिति में महाविकास आघाड़ी की ओर से छह उम्मीदवार मैदान में हो जाएंगे। दूसरी ओर भाजपा चार सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए तैयारी में जुटी हुई है। राज्य में विधानपरिषद की नौ सीटों पर चुनाव होने हैं और ऐसे में मतदान जरूरी हो जाएगा।

छोटे दलों व निर्दलीयों की भूमिका महत्वपूर्ण

राज्य में विधानपरिषद की नौ सीटों के लिए 11 मई तक नामांकन दाखिल किए जाएंगे। 21 मई को मतदान की तारीख तय की गई है और 26 मई से पूर्व नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के लिए 28 मई से पहले सदन का सदस्य बनना जरूरी है नहीं तो उनकी कुर्सी के लिए संकट खड़ा हो जाएगा। 28 मई को मुख्यमंत्री के रूप में उनका 6 महीने का कार्यकाल पूरा हो जाएगा और अभी तक वे विधानसभा या विधानपरिषद में से किसी के भी सदस्य नहीं बन सके हैं। मतदान की स्थिति में छोटे दलों व निर्दलीयों का भाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

राज्यसभा चुनाव पर लगा कोरोना ग्रहण

महाराष्ट्र में तो विशेष परिस्थितियों के कारण चुनाव आयोग चुनाव करवा रहा है मगर राज्यसभा की 18 सीटों और विधानपरिषद में बिहार की 17 और उत्तर प्रदेश की 11 सीटों के लिए चुनाव जून से पहले संभव नहीं माना जा रहा है। कोरोना संकट के कारण चुनाव आयोग ने गत 3 अप्रैल को इन सभी सीटों के लिए चुनाव अगले आदेश तक स्थगित कर दिए थे।



माना जा रहा है कि राज्यसभा और बिहार व उत्तर प्रदेश की विधानपरिषद सीटों के लिए अभी लंबा इंतजार करना होगा। कोरोना के तेजी से फैल रहे संक्रमण के कारण इन चुनावों में ज्यादा समय लगने की संभावना जताई जा रही है। उत्तर प्रदेश विधानपरिषद की 11 सीटें और बिहार विधानपरिषद के 17 सीटें 6 मई को रिक्त हुई हैं जबकि राज्यसभा की 18 सीटों पर नामांकन प्रक्रिया के बाद मतदान नहीं हो सका है।

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