मजदूरों का किराया भरने की बात करने वाले,प्रति मजदूर वसूल रहे 200₹

रेलवे ने देशभर में फंसे हुए लोगों को ले जाने के वास्ते विशेष श्रमिक रेलगाड़ियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किये है. रेलवे ने कहा है कि क्षमता की 90 प्रतिशत मांग होने पर ही विशेष श्रमिक रेलगाड़ियां चलाई जानी चाहिए और राज्यों को टिकट का किराया लेना चाहिए.किराया वसूलने के बयान पर रेलवे की तीखी आलोचना हो रही है.

वहीं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक पत्र लिखकर यह घोषणा की है कि वापस घर जा रहे मजदूरोें का किराया कांग्रेस पार्टी वहन करेगी. सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए एक पत्र लिखते हुए कहा है कि विदेश में फंसे लोगों को देश मुफ्त में लाया जा सकता है लेकिन श्रमिकों से किराया वसूला जा रहा है.

सोनिया ने अपने बयान में कहा है, ‘प्रदेश कांग्रेस कमेटी की हर इकाई हर जरूरतमंद श्रमिक और कामगार के घर लौटने की रेल यात्रा का टिकट खर्च वहन करेगी और जरूरी कदम उठाएगी.’

मुंबई में मेडिकल के लिए श्रमिकों से वसूले जा रहे 200 रुपए

महाराष्ट्र के मुंबई में श्रमिकों से यात्रा किराया वसूलने के साथ ही उनके मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए 200 रुपए चार्ज किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बोंडा के रहने वाले फकरुद्दीन शेख ने बताया कि 4 घंटे तक टेस्ट का इंतजार करने के बाद उनसे 200 रुपए भुगतान करने के लिए कहा गया।

विभिन्न राज्यों के श्रमिकों के अपने घर पहुँचने का सिलसिला शुरू हो चुका है। सोमवार (मई 4, 2020) को कई श्रमिक स्पेशल ट्रेनें अपने शेड्यूल से चल रही है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के बाद भारतीय रेलवे ने सभी राज्यों में फँसे श्रमिकों और छात्रों को उनके गृह राज्य में वापस भेजने के लिए स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की है। लेकिन मुंबई में श्रमिकों मेडिकल सर्टिफिकेट के नाम पर 200 रुपए चार्ज करने की खबर आई है।

इस बीच मुंबई मिरर ने जानकारी दी कि महाराष्ट्र के मुंबई में श्रमिकों से यात्रा किराया वसूलने के साथ ही उनके मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए 200 रुपए चार्ज किए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश के बोंडा के रहने वाले श्रमिक फकरुद्दीन शेख ने बताया कि 4 घंटे तक टेस्ट का इंतजार करने के बाद उनसे 200 रुपए भुगतान करने के लिए कहा गया। चूँकि उनके पास पैसे नहीं थे, इसलिए उन्हें बिना टेस्ट के ही वापस लौटना पड़ा। फकरुद्दीन शेख 9 महीने पहले रोजगार के सिलसिले में मुंबई आए थे।
Priya Kulkarni@priyaakulkarni2
In Mumbai Udhav govt is charging
RS 200 to check a body temperature of migrant workers and give them a certificate to they can leave. They are standing for hours@Dev_Fadnavis @KiritSomaiya



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09:18 – 4 May 2020
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हिन्दुस्तान ने भी अपनी रिपोर्ट में बताया कि मलाड ईस्ट के रहने वाले 35 वर्षीय अजय राम ने कहा कि उन सभी वर्करों से मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए 200 रुपए लिए गए।

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